डॉ. सुगत बोस द्वारा “महात्मा, नेताजी और भारतीय उपनिवेशवाद-विरोधी संविधानवाद” विषय पर 8वाँ साबरमती व्याख्यान

Hriday Kunj, Sabarmati Ashram

साबरमती आश्रम प्रिज़र्वेशन एंड मेमोरियल ट्रस्ट

आपको 8वें साबरमती व्याख्यान में सादर आमंत्रित करता है, वक्ता

डॉ. सुगत बोस

विषय

“महात्मा, नेताजी और भारतीय उपनिवेशवाद-विरोधी संविधानवाद”

स्थान एवं समय :

7 जनवरी 2025, मंगलवार, शाम 6:00 बजे से 7:30 बजे तक
गांधी स्मारक संग्रहालय, गांधी आश्रम, अहमदाबाद – 380 027


डॉ. सुगत बोस का परिचय:

प्रो. सुगत बोस हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इतिहास के गार्डिनर प्रोफ़ेसर हैं और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भतीजे के पुत्र हैं। वे हार्वर्ड के दक्षिण एशिया संस्थान के निदेशक भी रह चुके हैं।

प्रो. बोस ने प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की, जहाँ से उन्होंने पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। उनके शोध-कार्य ने औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक राजनीतिक अर्थव्यवस्था, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आपसी संबंधों, तथा हिंद महासागर के आर-पार यात्रा, व्यापार और कल्पना के अंतर-धार्मिक क्षेत्रों की गहरी समझ में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी विशेषज्ञता भारतीय नैतिक विमर्श, राजनीतिक दर्शन और आर्थिक चिंतन तक फैली हुई है।

उन्होंने 22 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बारह खंडों वाली संकलित रचनाएँ (Collected Works) शामिल हैं, जिनका संपादन उन्होंने शिशिर कुमार बोस के साथ मिलकर किया।

प्रो. बोस गुगेनहाइम फ़ेलोशिप से सम्मानित हैं और उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रतिष्ठित जी.एम. ट्रेवेलियन व्याख्यान दिया है। 2015 में उन्हें बंगाल के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान रवींद्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में पुनर्जीवित करने हेतु परामर्श देने वाले प्रेसीडेंसी मेंटर ग्रुप के अध्यक्ष तथा नालंदा गवर्निंग बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।

2014 से 2019 तक प्रो. बोस 16वीं लोकसभा में बंगाल के जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य रहे। इस कार्यकाल के दौरान वे विदेश मामलों संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य रहे।

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